Breaking News: प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार सामने आ रहे Paper Leak मामलों पर केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। लोकसभा ने बुधवार को लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 को ध्वनि मत से पारित कर दिया। इस विधेयक पर मंगलवार को करीब नौ घंटे तक चर्चा हुई थी, जबकि बुधवार को विपक्ष के हंगामे के बीच इसे मंजूरी मिली।
सरकार का कहना है कि संशोधित कानून का उद्देश्य सार्वजनिक परीक्षाओं में पेपर लीक, नकल और अन्य अनुचित गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाना तथा परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाना है।
Paper Leak मामलों में अब 10 साल तक जेल, ₹50 लाख तक जुर्माना
नए संशोधन के तहत पेपर लीक और अनुचित साधनों से जुड़े मामलों में सजा पहले की तुलना में काफी सख्त कर दी गई है। अब ऐसे मामलों में कम से कम 5 वर्ष और अधिकतम 10 वर्ष तक की जेल हो सकती है। इसके अलावा दोषियों पर अधिकतम ₹50 लाख तक का जुर्माना भी लगाया जा सकेगा।
संगठित अपराध पर और सख्त प्रावधान
यदि Paper Leak या परीक्षा में गड़बड़ी संगठित गिरोह या नेटवर्क के माध्यम से की जाती है, तो ऐसे मामलों में कम से कम 7 वर्ष की जेल और अधिकतम ₹10 करोड़ तक जुर्माने का प्रावधान किया गया है।
जांच और ट्रायल की समयसीमा तय
संशोधित कानून में जांच और न्यायिक प्रक्रिया को भी तेज करने का प्रावधान किया गया है। जांच एजेंसियों को दो महीने के भीतर जांच पूरी करनी होगी, जबकि चार्जशीट दाखिल होने के बाद तीन महीने के भीतर मुकदमे का ट्रायल पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए अदालतों में रोजाना सुनवाई का भी प्रावधान किया गया है।
राज्यसभा ने भी पारित किया एक अन्य विधेयक
इसी दिन राज्यसभा ने ‘वंदे मातरम्’ के अपमान को दंडनीय अपराध बनाने से संबंधित विधेयक भी पारित कर दिया।



