Jharkhand News: झारखंड के चर्चित हजारीबाग वन भूमि खरीद-बिक्री और कथित अनियमितता मामले में नया मोड़, सुप्रीम कोर्ट ने निलंबित IAS Vinay Choubey को बड़ी राहत देते हुए जमानत दो दी है। इस फैसले के बाद निलंबित IAS Vinay Choubey जेल से बाहर आने का रास्ता साफ हो गया है।
बता दें, इससे पहले विनय कुमार चौबे ने झारखंड हाईकोर्ट में जमानत की मांग की थी, लेकिन 28 अप्रैल 2026 को हाईकोर्ट ने उनकी याचिका खारिज कर दी थी। इसके बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया, जिसके बाद सर्वोच्च न्यायालय ने उनकी जमानत याचिका स्वीकार करते हुए उन्हें बेल दे दी है।
ACB केस संख्या 11/2025 से जुड़ा मामला
यह मामला IAS Vinay Choubey के हजारीबाग उपायुक्त (DC) रहते कथित अवैध वन भूमि खरीद-बिक्री और प्रशासनिक अनियमितताओं से जुड़ा है। इस संबंध में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने कांड संख्या 11/2025 दर्ज किया था। जांच के बाद नवंबर 2025 में उन्हें गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया था। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में सह-आरोपी विनय सिंह और उनकी पत्नी स्निग्धा सिंह को भी जमानत दे दी है।
73 लोग हैं नामजद आरोपी
ACB की जांच में इस मामले में कुल 73 लोगों को आरोपी बनाया गया है। इनमें हजारीबाग के विधायक प्रदीप प्रसाद, तत्कालीन अंचल अधिकारी (CO) शैलेश कुमार, ब्रोकर विजय सिंह सहित कई अन्य लोगों के नाम शामिल हैं। मामले की जांच और कानूनी प्रक्रिया अभी जारी है।



