JPSC Scam: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच कर रही झारखंड CID ने मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए JPSC के दो कर्मचारियों सोनू कुमार और अरविंद कुमार को गिरफ्तार किया है। दोनों की गिरफ्तारी जांच में मिले साक्ष्यों के आधार पर की गई है।
CID की कार्रवाई लगातार जारी
सीआईडी की ओर से शनिवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, सीआईडी थाना कांड संख्या 16/2026 (22 जुलाई 2026) की जांच के दौरान दोनों आरोपियों की भूमिका सामने आई। इसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू की गई।
JPSC Scam: OMR हेरफेर में मदद का आरोप
सीआईडी के अनुसार, अरविंद कुमार मुख्य आरोपी अभय तिवारी का करीबी बताया जा रहा है। वहीं सोनू कुमार पर आरोप है कि उसने JPSC की परीक्षा उप नियंत्रक श्वेता गुप्ता के निर्देश पर OMR शीट और अन्य डिजिटल रिकॉर्ड में कथित हेरफेर करने में सहयोग किया।
पहले से गिरफ्तार आरोपियों से भी पूछताछ
शनिवार को CID की टीम पहले से गिरफ्तार आरोपियों को बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा से पूछताछ के लिए मुख्यालय लेकर पहुंची।
इनमें शामिल हैं-
- JPSC की परीक्षा उप नियंत्रक श्वेता गुप्ता
- TDPL के निदेशक रामवीर सिंह
- TDPL के मार्केटिंग मैनेजर एवं पूर्व BSO अभय कुमार तिवारी
- TDPL के कर्मचारी मो. उस्मान
- मो. एबाद
JPSC Scam: गड़बड़ी के तरीके और अन्य लोगों की भूमिका की जांच
सीआईडी की विशेष जांच टीम (SIT) ने पहले सभी आरोपियों से अलग-अलग पूछताछ की। इसके बाद उन्हें आमने-सामने बैठाकर यह जानने की कोशिश की गई कि JPSC की किन-किन परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी हुई, OMR और डिजिटल रिकॉर्ड में किस तरह की हेराफेरी की गई और इसमें किन लोगों की भूमिका रही।
सीआईडी ने बताया कि मामले की जांच अभी जारी है और सभी आरोपियों से रविवार को भी पूछताछ की जाएगी।



