JPSC Scam Case: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) में कथित गड़बड़ियों की जांच कर रही सीआईडी (CID) टीम ने मामले में बड़ा कदम उठाया है। सूत्रों के मुताबिक, जांच एजेंसी ने जेपीएससी के पूर्व अध्यक्ष एल. ख्यांगते का पासपोर्ट जब्त कर लिया है। हालांकि, इस कार्रवाई की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं की गई है।
बताया जा रहा है कि मंगलवार को सीआईडी ने एल. ख्यांगते से करीब 9 घंटे तक लंबी पूछताछ की। पूछताछ के बाद जांच टीम ने उनका पासपोर्ट अपने कब्जे में लिया। वहीं, बुधवार को उन्हें दोबारा पूछताछ के लिए बुलाया गया है।
इससे पहले सीआईडी ने एल. ख्यांगते के आवास पर छापेमारी की थी। आयोग के अन्य अधिकारियों और सदस्यों से मिली जानकारी के आधार पर उन्हें नोटिस जारी कर पूछताछ के लिए तलब किया गया था।
CM Hemant Soren के निर्देश पर हुई थी JPSC मुख्यालय में छापेमारी
JPSC Scam Case: जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं में अनियमितताओं को लेकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को लगातार शिकायतें मिल रही थीं। इसके बाद मुख्यमंत्री के निर्देश पर सीआईडी और रांची पुलिस की संयुक्त टीम ने जेपीएससी मुख्यालय में छापेमारी की थी।
छापेमारी के दौरान जांच टीम को कई अहम दस्तावेज और साक्ष्य मिले थे। इसके आधार पर पुलिस ने मामले में पांच लोगों को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तार आरोपियों में जेपीएससी की तत्कालीन उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता गुप्ता और परीक्षा संचालन से जुड़ी एजेंसी के पूर्व मार्केटिंग मैनेजर अभय कुमार तिवारी भी शामिल थे। इन गिरफ्तारियों के बाद जेपीएससी अध्यक्ष की भूमिका को लेकर सवाल उठने लगे थे, जिसके बाद एल. ख्यांगते ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था।
L. Khyangte ने कहा- जांच को निष्पक्ष बनाने के लिए दिया इस्तीफा
पूछताछ से पहले एल. ख्यांगते ने मीडिया से बातचीत में कहा था कि उनके इस्तीफे के पीछे किसी तरह का राजनीतिक या प्रशासनिक दबाव नहीं था। उन्होंने कहा था कि जांच निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से हो सके, इसी उद्देश्य से उन्होंने पद छोड़ने का फैसला लिया।
हालांकि, दूसरी ओर गिरफ्तार उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता गुप्ता ने सीआईडी पूछताछ में कई महत्वपूर्ण बातें बताने का दावा किया है। सूत्रों के अनुसार, उन्होंने कहा कि आयोग में हुई गतिविधियों की जानकारी एल. ख्यांगते को थी।
दस्तावेजों और बयानों के आधार पर आगे बढ़ेगी CID जांच
JPSC Scam Case: फिलहाल सीआईडी टीम जब्त दस्तावेजों, अधिकारियों के बयानों और अब तक सामने आए तथ्यों के आधार पर आगे की जांच कर रही है। जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि जेपीएससी में हुई कथित अनियमितताओं में किन लोगों की भूमिका थी और परीक्षा प्रक्रिया में कहां-कहां लापरवाही या गड़बड़ी हुई।



